बिजनौर, अक्टूबर 19 -- Bijnor News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बेहतरीन और ऐतिहासिक रामलीलाओं में शुमार बिजनौर की रामलीला का मंच एक अनोखे इतिहास का गवाह रहा है। यहां केवल भगवान श्रीराम की गाथा ही नहीं मंचित होती, बल्कि एक ही परिवार की चार पीढ़ियों का समर्पण भी इस रामलीला की पहचान बन चुका है। परदादा से शुरू हुआ यह सफर आज पड़पौत्रों तक पहुंचकर पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ रहा है। रामलीला में इस परिवार का योगदान केवल एक कला का प्रदर्शन मात्र नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक निष्ठा और पारिवारिक परंपरा का एक अनूठा उदाहरण है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक शिक्षा और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में अपना भविष्य बना रहे हैं, वहीं अपनी जड़ों और धार्मिक विरासत से उनका जुड़ाव पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

परिवार की पीढ़ियों का समर्पण पर...