Bijnor News: अस्थिर मन धर्म आचरण को नहीं जानता : फुलसंदे वाले
बिजनौर, जुलाई 26 -- Bijnor News: बाबा फुलसंदे वालो ने कहा कि चित्त सदा चंचल होता है। इसमें बहुत से विकार आते रहते हैं। जिसके कारण ज्ञान क्षण भर को ठहरता है, इसमें ज्ञान ज्योति को रोक कर रखना कठिन है। इसका निवारण करना भी दुष्कर है। उन्होने कहा कि मनुष्य क्रोध में बहुत कुछ अनर्थ कर डालता है। यदि वह धैर्य रखें तो बहुत से संकट और आपदा परमेश्वर की कृपा से टल जाती हैं।रविवार को फुलसंदा में आयोजिय सत्संग कार्यक्रम में बाबा फुलसंदे वाले प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चित्त को ज्ञानी पुरुष उसी प्रकार सीधा करता है जैसे बाण बनाने वाला लौहार बाण को आग में तपा कर छेद कर अनेक प्रयास करके उसे ठीक करता है। जिसका मन अस्थिर है जो धर्म आचरण को नहीं जानता, जिसकी श्रद्धा अस्थिर है। उसकी बुद्धि भी पूर्ण नहीं हो सकती, ना ही उसे सुख प्राप्त हो सकता है। मनुष्य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.