बिहारशरीफ, अक्टूबर 12 -- Biharsharif News: शारदीय नवरात्र में मां आशापुरी मंदिर में तांत्रिक विधि से होती है पूजा दशमी की रात्रि आरती के बाद महिलाओं को मिलता है मंदिर में प्रवेश मंदिर परिसर में बिखरी हैं प्राचीन देवी-देवताओं की प्रतिमाएं फोटो पावापुरी दुर्गा- घोसरावां स्थित मंदिर में विराजमान प्राचीन प्रतिमा मां आशापुरी। पावापुरी, निज संवाददाता। गिरियक प्रखंड के घोसरावां स्थित प्राचीन मां आशापुरी मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान तांत्रिक परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की जाती है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा के तहत नवरात्र में प्रतिपदा से लेकर दशमी की रात्रि आरती तक महिलाओं का मंदिर परिसर में प्रवेश वर्जित रहता है। मंदिर के पुजारियों के अनुसार, तांत्रिक साधना और विशेष अनुष्ठानों के कारण यह परंपरा प्राचीन काल से निभाई जा रही है। दशमी की रा...