बिहारशरीफ, नवम्बर 5 -- पावापुरी में छठ की आस्था और परंपरा Biharsharif News: महावीर की निर्वाण भूमि पावापुरी में छठ की आस्था का विशेष महत्व लोक परंपरा, प्रकृति पूजा और आध्यात्मिक मूल्यों का दिखता है संगम पावापुरी, निज संवाददाता। भगवान महावीर की निर्वाण स्थली पावापुरी में छठ महापर्व के दौरान लोक आस्था, भक्ति और प्रकृति पूजा का अनूठा संगम दिखता है। जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में पहचान रखने वाली इस धरती पर छठ की परंपरा शुद्धता, संयम, तप और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य उपासना की परंपरा रामायण और महाभारत काल से जुड़ी रही है। भगवान सूर्य को जीवन, ऊर्जा, आरोग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। छठ पर्व में व्रती अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर प्रकृति के प्रति आभार जताते हैं। ...