आलोक कुमार मिश्रा, नवम्बर 10 -- Bihar Election: चंपारण में बापू के चरण पड़े और यहां से उठी सत्याग्रह की आंधी ने अंग्रेजों के पांव उखाड़ दिए थे। विधानसभा चुनाव में भी चंपारण की भूमिका अहम होने वाली है। पूर्वी और पश्चिमी चंपारण ने पिछले चुनाव में अपनी 21 सीटों में से 17 एनडीए की झोली में डाली थी। इस बार दूसरे चरण में मतदान करने जा रहे चंपारण के कई हिस्सों में टिकट बंटने-कटने को लेकर गम-गुस्सा उबल रहा है। कहीं माननीयों से नाराजगी दिखती है तो कई जगह लड़ाई असरदार तीसरा कोण भी बना रही है। ऐसे में सत्ता का गणित तय करने में चंपारण की हवा के रुख की बड़ी हिस्सेदारी होगी। बिहार की पहली विधानसभा सीट वाल्मीकिनगर में जदयू ने धीरेंद्र प्रताप सिंह पर फिर दांव लगाया है। कांग्रेस से सुरेंद्र कुशवाहा मैदान में हैं। जन सुराज अपने उम्मीदवार दृगनारायण प्रसाद का पर...
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