नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- बीएचयू के खर्च पर विदेश जाकर शोध और अकादमिक अनुभव हासिल करने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय को भी इस बौद्धिक संपदा में हिस्सेदारी देनी होगी। आईओई (इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस) परियोजना के अंतर्गत 2023 से शुरू किए गए इंटरनेशनल विजिटिंग स्टुडेंट प्रोग्राम (आईवीएसपी) के नियमों में बीएचयू ने कुछ अहम बदलाव किए हैं। इसके अंतर्गत विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को अंडरटेकिंग और इंडेम्निटी बॉन्ड देना अनिवार्य होगा।स्टांप पेपर पर देना होगा बॉन्ड 27 अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार शोधार्थी को स्टांप पेपर पर बॉन्ड देना होगा। इस पर शोधार्थी के साथ उसके सुपरवाइजर और विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर होंगे। संबंधित विभागों, केंद्रों और स्कूलों के प्रमुखों को बॉन्ड जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। बदले नियमों के अंतर्गत शोधार्थी को भारत और संबं...