नई दिल्ली, जून 18 -- भगवदगीता में भगवान श्रीकृष्ण ने भोजन को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। गीता के अनुसार व्यक्ति जैसा भोजन करता है, उसका असर उसके शरीर और मन दोनों पर पड़ता है। भगवदगीता को जीवन जीने का मार्ग दिखाने वाला ग्रंथ माना जाता है। इसमें कर्म, धर्म और रिश्तों के साथ-साथ खानपान को लेकर भी कई बातें कही गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में बताया है कि भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि इसका असर इंसान के स्वभाव और सोच पर भी पड़ता है। गीता के 17वें अध्याय में भोजन को तीन भागों में बांटा गया है। इनमें सात्विक, राजसिक और तामसिक आहार शामिल हैं। माना जाता है कि व्यक्ति जिस तरह का भोजन करता है, उसी के अनुसार उसके व्यवहार और दिनचर्या पर भी असर दिखाई देता है।सात्विक भोजन को माना गया अच्छा गीता में ताजा और पौष्टिक भोजन को सात्विक आ...