भागलपुर, अक्टूबर 30 -- Bhagalpur News: लखीसराय से मनीष की रिपोर्ट जनजातीय समाज की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में स्वास्थ्य संरक्षण और रोगों से बचाव से जुड़ा पारंपरिक ज्ञान समाहित है। इसे पिछड़ेपन के नजरिये से देखने के बजाय इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को समझने की जरूरत है। शुक्रवार को लखीसराय संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय जनजातीय सेमिनार में जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने चिकित्सा एवं परंपरागत स्वास्थ्य प्रणालियों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए ये बातें कहीं। डीएम की अध्यक्षता में आयोजित सेमिनार का मुख्य विषय चिकित्सा एवं परंपरागत स्वास्थ्य प्रणालियां रहा। इसमें पारंपरिक चिकित्सकों की भूमिका, औषधीय पौधों का महत्व, पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा पद्धतियों तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के साथ इनके समन्वय जै...