भागलपुर, अक्टूबर 28 -- Bhagalpur News: जमुई से सुधांषु की रिपोर्ट सोनो। बिहार के सरकारी स्कूलों में व्यवस्था और हकीकत के बीच विरोधाभास का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रधानाध्यापकों (एचएम) की रातों की नींद उड़ा दी है। शिक्षा विभाग ने दीपावली से ठीक पहले सभी स्कूलों की सूरत बदलने और रंग-रोगन कराने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि पिछले पांच महीनों से बच्चों के निवाले यानी मध्याह्न भोजन की राशि तक स्कूलों को नसीब नहीं हुई है। प्रधानाध्यापक अपनी जेब से या बाजार से कर्ज उठाकर किसी तरह बच्चों का पेट भर रहे हैं। ऐसे में सोनो प्रखंड के प्रधान शिक्षकों के सामने यह यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि वे पहले बच्चों को भोजन कराएं या विभाग की वाहवाही के लिए स्कूल की दीवारों को चमकाएं? जिला शिक्षा पदाधिकारी धनंजय कुमार पासवान ...