भागलपुर, अक्टूबर 17 -- Bhagalpur News: झाझा (जमुई) से संजय बर्णवाल की रिपोर्ट शारदीय नवरात्रि एवं दुर्गापूजा (दशहरा) के पावन अवसर पर झाझा शहरी क्षेत्र में आदिवासी समाज की प्राचीन संस्कृति और अनूठी परंपरा जीवंत हो उठी है। नगर के विभिन्न मुहल्लों और बाजारों में आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा ढ़ोल-मांदर की थाप, हाथों में मोर पंख और पूजा की थाली लेकर एक पारंपरिक झांकी निकाली गई। इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से मिलकर अपनी परंपरा के तहत सहयोग की अपील की, जिसे देखने के लिए स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह देखा गया।इसका मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, भाईचारा और अपनी समृद्ध लोक संस्कृति को संजोकर रखना है। पारंपरिक वेशभूषा और लाल साफा (पगड़ी) बांधकर मांदर और झांझ बजते हुए जब यह टोली घर-घर पहुंचती है, तो पूजा की थाली में आरती और अक्षत (चावल) के ...