भागलपुर, सितम्बर 28 -- Bhagalpur News: झाझा से सुधांशु की रिपोर्ट मंदिर व मेले के शुभारंभ काल के तमाम दस्तावेजों को बड़े सहेज कर रखे समिति के पदाधिकारी प्रफुलचंद्र त्रिवेदी पुराने रिकॉर्डों के आधार पर बताते हैं कि,सन् 1958 में पूरा मेला महज 5 हजार रूपए से भी कम में निपट गया था। इतना ही नहीं,पूरा मंदिर भी महज करीब 11 हजार रूपए की लागत पर ही झाझा की सरजमीं पर उतर गया था। जबकि,बकौल महामंत्री श्री बंका,इस साल केवल मेला खर्च का आंकड़ा 15 लाख के मुकाम को भी टप सकता है। समिति के लोगों ने बताया कि महंगाई के मद्देनजर नवरात्र मेले के निर्धारित सभी मदें की राशि में इजाफा करने की मजबूरी बन गई है। यह भी पढ़ें- Bhagalpur News: जमुई: 72 सालों से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है झाझा की मां वैष्णवी का दरबार दिलचस्प पहलू यह भी है कि शैशवकाल में इस मेले व मंदिर...