भागलपुर, जुलाई 12 -- Bhagalpur News: नाथनगर। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि  मूल मंजूषा चित्रकला के दस दिवसीय प्रमाण पत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों में कला, इतिहास और संस्कृति को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को अंगभूमि की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अंग जनपद की उत्पत्ति तथा मूल मंजूषा चित्रकला के ऐतिहासिक विकास और सांस्कृतिक महत्व की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि मूल मंजूषा केवल एक चित्रकला नहीं, बल्कि अंग प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और लोकजीवन का जीवंत दस्तावेज है। इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि जानकर प्रतिभागियों में इस लोककला के प्रति जिज्ञासा और बढ़ गई। बच्चों ने प्रशिक्षण के दौरान कई सवाल पूछे और इस विरासत को गहराई से समझने की इच्छा जताई। व्यावहारिक सत्र में विद्यार्थियों ने मूल मंज...