भागलपुर, अक्टूबर 17 -- Bhagalpur News: अकबरनगर, संवाददाता। खेरैहिया स्थित मां दुर्गा मंदिर भक्तों की अटूट आस्था का एक बड़ा केंद्र है, जिसकी शुरुआत करीब 34 वर्ष पहले हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार, साल 1992 में एक पुजारी को स्वप्न में मां दुर्गा ने दर्शन देकर यहां पूजा-अर्चना करने का संकेत दिया था। इसी प्रेरणा से ज्योतिष प्रसाद सिंह और तारणी झा ने एक खुले पिंड पर कुश का त्रिशूल स्थापित कर वैदिक पद्धति से मां की आराधना शुरू की। इस आस्था को स्थायी स्वरूप देने के लिए वर्ष 2011 में मंदिर का निर्माण कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर स्वरूप बदल गया है। मां की आराधना की मूल परंपरा आज भी वही है। पिता ने शुरू की साधना तो पुत्र ने संभाली परंपरा यह भी पढ़ें- Banka News: 1825 से करहरिया दुर्गा मंदिर में गूंज रही मां की आराधना, चौथी पीढ़ी निभा रही ...