भभुआ, अक्टूबर 31 -- हथकरघा कारोबार से आत्मनिर्भरता Bhabua News: दरी-कालीन निर्माण से सालाना 8 से 10 लाख रुपये का कारोबार परिवार के सभी सदस्य मिलकर संभालते हैं पारंपरिक व्यवसाय (पेज चार) भभुआ, नगर संवाददाता। मेहनत, हुनर और परिवार का साथ मिल जाए तो सीमित संसाधनों में भी सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है। इसे सच कर दिखाया है चैनपुर प्रखंड के गंगापुर ग्राम संगठन की सदस्य बेगम अफरोज ने। उन्होंने पारंपरिक हथकरघा उद्योग को अपनी आजीविका का आधार बनाकर न सिर्फ अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि दरी और कालीन निर्माण की पुरानी कला को भी जीवित रखने में योगदान दे रही हैं। उनके परिवार का यह कारोबार आज सालाना 8 से 10 लाख रुपये तक पहुंच गया है। बेगम अफरोज का पूरा परिवार इस काम में एक-दूसरे का हाथ बंटाता है। दरी और कालीन बनाने से लेकर तैयार उत्पाद क...