भभुआ, जुलाई 31 -- Bhabua News: शृंगार, सावन की फुहार, दंपती के प्रेम-नोकझोंक, ननद-भौजाई के उलाहने सुना रहीं आकाश, सूरज, धरती, ब्रह्म, इष्ट, डिहवार व अन्य देवताओं का कर रही हैं आह्वान (पेज चार) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। कैमूर में धनरोपनी परवान पर है। हर ओर हरियाली की चादर ओढ़े बधार दिख रहे हैं। पेड़ों से लटकते झूला पर युवतियां झूल रही हैं। महिलाएं धनरोपनी में व्यस्त हैं। झूला झुलते और रोपनी करने के दौरान कजरी, झूमर और ठुमर गाये जा रहे हैं, जिससे बधार गुलजार हो रहे हैं। कभी हंसी-ठिठोली तो कभी खिलखिलाती महिलाएं ताना मारती सुनी जा रही हैं। काम करने में मन लगे और तेजी से काम हो इसके लिए महिलाएं गीत गाती हैं। गीत सुनने के लिए लोग खेत के आर-पगार पर खड़े हो जा रहे हैं। राहगीरों के कदम ठिठक जा रहे हैं। धनरोपनी कर रही महिलाएं संयोग और वियोग, सावन की फ...