बेगुसराय, अक्टूबर 29 -- कल्पवास, अन्नदान और तुलसी का महत्व Begusarai News: सिमरिया धाम, एक संवाददाता। भारत के इतिहास में कार्तिक महीने में कल्पवास का जो महत्व है वो 12 महीने में किसी महीने में ऐसा नहीं है। ये बातें राजकीय कल्पवास मेला सिमरिया धाम के राम निहोरा सेवा शिविर के साधक महंत मिथिलेश दास उर्फ बौआ हनुमान ने कहीं। उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच भजन-कीर्तन के दौरान कहा कि राजा जनक तथा माता सीता स्वयं सिमरिया गंगा तट पर कल्पवास कर चुके हैं। यह बात शास्त्र में भी उद्धृत है। अब इस युग में संकीर्तन और अन्न दान का भी सबसे बड़ा महत्व है। तुलसीदास ने रामचरितमानस में उद्धृत किए हैं कि जाति-पाति पूछे ना कोई हरि के भजय तो हरि के होई। यहां जाति-पाति नहीं है सिर्फ साधु की सेवा ही जाति है। महंत बौआ हनुमान ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि कार्तिक म...