मुख्य संवाददाता, अगस्त 12 -- परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों की चर्चित 69000 सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन विवाद के बीच बीएड और बीटीसी अभ्यर्थी आमने-सामने आ गए हैं। संभावित नई सूची में नए अभ्यर्थियों के शामिल होने की प्रक्रिया शुरू होते ही बीटीसी करने वाले अभ्यर्थी सक्रिय हो गए हैं। वे सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2023 के फैसले का हवाला देते हुए मांग कर रहे हैं कि बीएड डिग्रीधारियों को सूची में शामिल न किया जाए। बीटीसी अभ्यर्थियों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने देवेश शर्मा मामले में कहा था कि प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए डीएलएड/बीटीसी ही अनिवार्य योग्यता है। बीएड डिग्री इस पद के लिए वैध नहीं है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में सबमिशन फाइल किया है कि नई सूची तैयार करते समय इस फैसले को सख्ती से लागू किया जाए ...