बरेली, अक्टूबर 30 -- Bareily News: बरेली। रामपुर बाग स्थित आनंद आश्रम में आयोजित नवदिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि भगवान राम अपने शरणागत भक्तों के दोष नहीं देखते। रामायण में चित्रकूट प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि भरत ने प्रभु राम से कहा था कि उनके भीतर गुण दिखाई देना उनकी दृष्टि की विशेषता है। जब व्यक्ति अपने पापों को छोड़कर भगवान की शरण में आता है तो प्रभु उसे स्वीकार कर लेते हैं।

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