बरेली, अक्टूबर 27 -- Bareily News: आम दिनों में दूध की नियमित आपूर्ति पूरी करने में दूध उत्पादकों के पसीने छूट जाते हैं। त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में अचानक मांग डबल हो जाने पर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। त्योहारी मांग का लाभ उठाते हुए मिलावटखोर बाजार में सिंथेटिक दूध, मावा,पनीर आदि खपा देते हैं। बरेली जिले में अनुमानित दुग्ध उत्पादन लगभग 11 से 12 लाख लीटर प्रति दिन का है। ग्रामीण और संगठित क्षेत्र के कुल उत्पादन का लगभग 35 फीसदी हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में खुद की खपत में ही खर्च हो जाता है। शेष 65 फीसदी हिस्सा बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होता है। यह भी पढ़ें- Bijnor News: मिलावट से जंग: उत्पादन से ढाई गुना ज्यादा सप्लाई, आखिर जिले में कहां से आ रहा दूध बड़ी कोऑपरेटिव, नामी डेयरियां और ब्रांडेड कंपनियां मिलकर प्रतिदिन करीब 2.5...