बरेली, अक्टूबर 20 -- अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई Bareily News: अवैध अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों की कार्रवाई दिखावे की तालाबंदी तक सिमट गई है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया और इसका ही नतीजा है कि पहले फरीदपुर के मर्सी अस्पताल में नवजात की मौत हो गई और अब अलीगंज के ब्रह्मदेव अस्पताल में जच्चा-बच्चा की जान चली गई। चौंकाने वाली बात है कि दोनों ही अस्पतालों को घटना से पहले विभाग के नोडल अधिकारी ने चेक किया था, फिर उनको कौन सा कागज देखकर माफी दी गई, इसकी जांच होनी चाहिए। अलीगंज क्षेत्र के गांव जोगीठेर के द्वारिका प्रसाद की गर्भवती पत्नी रिंकी को प्रसव पीड़ा होने पर गैनी के ब्रह्मदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह वही अस्पताल है जहां कुछ दिन पहले ही नोडल अधिकारी ने चेकिंग के दौरान कमी पकड़ी थी। लेकिन न तो अस्प...