बरेली, अगस्त 17 -- Bareily News: बरेली। एक दौर था, जब बरेली में राष्ट्रीय खेल हॉकी का जुनून सिर चढ़कर बोलता था। शहर की मिट्टी से झम्मन लाल शर्मा, एएल फ्रैंक, गीता अरोरा शर्मा, रजनी दीक्षित, अंशुल टिंडान और बसंती कश्यप जैसे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। लेकिन आज उसी बरेली में हॉकी अपनी पहचान बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए न तो प्रशिक्षित कोच है और न ही नियमित अभ्यास के लिए मैदान। ऐसे में राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का सपना देख रहे खिलाड़ियों के सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। स्पोर्ट्स स्टेडियम का हॉकी मैदान करीब एक साल से फुटबॉल खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए इस्तेमाल हो रहा है। हॉकी खिलाड़ी ऊबड़-खाबड़ जमीन पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। हॉकी के लिए प्रस्तावित मैदान को अब तक दु...