बाराबंकी, अक्टूबर 27 -- Barabanki News: बाराबंकी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सामुदायिक शौचालय आज जिम्मेदारों की उदासीनता की भेंट चढ़ गए हैं। जिलेभर में बने 1155 सामुदायिक शौचालयों में से अधिकांश का संचालन सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गया है। बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव और ग्राम पंचायत सचिवों की भारी लापरवाही के चलते इन शौचालयों के दरवाजे पर जड़े ताले बरसों से नहीं खुले हैं, जिससे ग्रामीणों को एक बार फिर खुले में शौच जाने को विवश होना पड़ रहा है। सालों से नहीं खुले ताले, भगवान भरोसे व्यवस्था:विकास खंड मसौली क्षेत्र में करीब पांच वर्ष पूर्व क्षेत्र पंचायत निधि से बनाए गए शौचालय का ताला चार साल से नहीं खुल सका है। यहां क...