बाराबंकी, अक्टूबर 11 -- Barabanki News: सफदरगंज, संवाददाता। मां ज्वालामुखी का नाम लेते ही मन में आस्था की भावना उमड़ उठे, बिगड़े हुए काम पूरा हो जाए कुछ ऐसी ही आस्था क्षेत्र के ग्राम अम्बौर में स्थित मां ज्वालामुखी के सुप्रसिद्ध मन्दिर की है। इस मन्दिर की महिमा जिले में ही नहीं देश के कोने कोने में फैली हुई है। 331 साल पुराने मंदिर में आने वाले भक्त मां के दर्शन कर आशीर्वाद लेकर जाते हैं। किवदन्तियों के मुताबिक मुगल शासन काल के दौरान खंडित की गई मां ज्वालामुखी सहित छ: बहनों की मूर्तियां को केशरीपुर गांव के समीप एक कुएं में डाल दिया गया था। जिसे लगभग पांच सौ वर्ष पूर्व अम्बौर गांव के ही पुजारी बाबा महाबली व गांव के तपस्वी बाबा केशरी दास को स्वप्न में मां ज्वालामुखी ने दर्शन देते हुए कहा कि गांव के मध्य स्थित एक कुएं में हम सात बहनों की खंडित...