बांका, अक्टूबर 13 -- मूर्तिकारों की परंपरा और बढ़ती लागत Banka News: बांका, नगर प्रतिनिधि। मां दुर्गा की प्रतिमा केवल मिट्टी, रंग और सजावटी सामग्री से तैयार होने वाली आकृति नहीं, बल्कि मूर्तिकारों की कला, आस्था और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा का प्रतीक है। नवरात्र आते ही मूर्तिकारों की कार्यशालाओं में हलचल तेज हो जाती है। कहीं मिट्टी को आकार दिया जाता है, तो कहीं मां के चेहरे की भाव-भंगिमा, आभूषण और अस्त्र-शस्त्र को अंतिम रूप दिया जाता है। लेकिन बदलते समय के साथ प्रतिमा निर्माण की शैली, श्रद्धालुओं की पसंद और लागत में भी बदलाव आया है। विगत पांच वर्षों में मिट्टी, बांस, पुआल, लकड़ी, रंग, कपड़े और सजावटी सामग्री की लागत बढ़ने से प्रतिमा निर्माण का खर्च भी बढ़ा है। हालांकि उस अनुपात में मूर्तिकारों के मेहनताना में गिरावट ही देखी गई है। जिसके...