बांका, अगस्त 9 -- Banka News: बांका, नगर प्रतिनिधि। नदियां केवल पानी के बहाव का रास्ता नहीं, बल्कि शहर और गांवों के जीवन की धुरी होती हैं। लेकिन जब नदी की मुख्यधारा ही अतिक्रमण और मनमानी की चपेट में आने लगे तो बरसात के दिनों में इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। दरअसल, जिलेभर में अवैध बालू उठाव का मामला विगत कई वर्षों से उठते आ रहा है, मगर आज जिले की नदियों पर अवैध कब्ज़ा आम जनजीवन के लिए उससे कहीं ज्यादा ही ख़तरनाक साबित हो रहा है। मामला बांका शहर से होकर गुजरने वाली ओढ़नी नदी की है, जो फिलहाल कुछ ऐसी ही स्थिति से जूझ रही है। जिलामुख्यालय के विजयनगर से सटा ओढ़नी नदी का तट या यूं कहें कि, नदी के बीच ही बालू पर मिट्टी डालकर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा खेती किए जाने से नदी की मुख्यधारा का रास्ता लगातार सिमटता जा रहा है। यह भी पढ़ें- Ban...