बांदा, अगस्त 14 -- Banda News: बांदा। नरैनी तहसील के किन्धौली गांव निवासी शहीद सूबेदार राजेश कुमार सिंह अपने दोनो बेटों को फौज में भर्ती करना चाहते थे। शहीद की पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि 11 फरवरी 2015 को उनके पति सियाचिन बार्डर में शहीद हो गए थे। इसके बाद उन्हें बड़ी मुसीबतें झेलनी पड़ी। तत्कालीन सांसद ने याद में शहीद स्मारक, द्वार और बेटे को नौकरी दिलाने का वादा किया था।अधिकारियों और नेताओं के चक्कर लगाते लगाते उनका दिमाग खराब हो गया जिसका उन्हें कई वर्ष तक इलाज कराना पड़ा।कमर का ऑपरेशन होने के कारण बिस्तर पर लगी पत्नी पुराने दिनों को याद कर भावुक हो गई कहा साहब(पति)कहते थे कि दोनो बेटों को फौजी बनाऊंगा, लेकिन उनकी शहादत के बाद सब ख्वाब बनकर रह गया है। यह भी पढ़ें- घर में इकलौते होने के बाद भी देशसेवा को चुना, सेवा करते हुए थे शहीद बताया...