बांदा, नवम्बर 3 -- Banda News: बांदा। जिले में दलहन की उत्पादकता बढ़ाने कि लिए कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से अग्रिम पंक्ति का प्रदर्शन किया जा रहा है। चना की वैज्ञानिक खेती कराने के लिए पचनेही, पचुल्ला, अरबई, अछरौड़ व कुर्रा खुर्द के 45 किसानों को चयनित किया गया है। मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र में इन किसानों को आरवीजी-204 प्रजाति के बीज का वितरण किया गया। किसानों को इसके पूर्व 'चने की वैज्ञानिक खेती' विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। वैज्ञानिक डॉ. दीक्षा पटेल ने बताया कि चने की यह प्रजाति राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर की ओर से वर्ष 2017 में रिलीज की गई थी। यह मशीन के जरिए कटाई के लिए अनुशंसित है। इसकी औसत उत्पादकता 18-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। 95 से 105 दिनों में पक जाती है। यह प्रजाति उक्ठा रोग के प्रति अवरोधी है। ...