वरिष्ठ संवाददाता, अक्टूबर 28 -- दून के ओल्ड मसूरी रोड स्थित उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज में नए सत्र के लिए बीएएमएस और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले पर रोक लगा दी गई है। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) ने खामियों के चलते कॉलेज को प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। शिक्षकों को सिर्फ कागजों पर दर्शाने के आरोप में कॉलेज पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस कार्रवाई से 120 सीटों (बीएएमएस की 100 और पीजी की 20 सीटें) पर संकट आ गया है। आयुर्वेद विवि के कुलसचिव डॉ. शिवकुमार बरनवाल ने रोक और जुर्माने की पुष्टि की है। मंगलवार को आयोग के दो आदेशों के मुताबिक एनसीआईएसएम की टीम ने 30 जुलाई को कॉलेज का औचक निरीक्षण किया था। अक्तूबर में हुई सुनवाई के दौरान प्रबंधन शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के पर्याप्त साक्ष्य...