वरिष्ठ संवाददाता, सितम्बर 9 -- आयुष पाठ्यक्रम में दाखिले के नाम पर कॉलेज अब फीस में मनमानी नहीं कर सकेंगे। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने सभी आयुर्वेद और होम्योपैथी कॉलेजों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर वर्षवार फीस और बाकी शुल्कों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। इससे छात्रों को काउंसलिंग से पहले ही यह पता चल सकेगा कि पढ़ाई पर कुल कितना खर्च आएगा। कुलसचिव शिव कुमार बरनवाल ने मंगलवार को बताया कि खाली सीटों पर केंद्रीय काउंसलिंग की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक भवन में परिसर निदेशक और प्राचार्यों की बैठक हुई। इसमें प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।सीट छोड़ने पर फीस लौटानी होगी आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि कोई विद्यार्थी सीट छोड़ता है या सीट अपग्रेड करता है तो कॉलेज ...