बलरामपुर, सितम्बर 3 -- Balrampur News: बलरामपुर, संवाददाता। सीमावर्ती गांवों में बकरी पालन से अब सिर्फ मांस ही नहीं, दूध से भी कमाई बढ़ाने की तैयारी है। बकरी के दूध को स्थानीय स्तर पर एकत्र कर मिल्क पाउडर में बदलने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की परियोजना तैयार की गई है। इससे पशुपालकों को दूध का बाजार मिलने के साथ ही प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने वाइब्रेंट विलेजेज एक्शन प्लान के तहत परियोजना तैयार की है। प्रस्ताव को मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। फिलहाल परियोजना प्रस्ताव के स्तर पर है, इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है। जिले में सीमा से सटे हर्रैया सतघरवा, गैसड़ी, पचपेड़वा और तुलसीपुर विकासखंड के 45 गांवों को वाइब्रेंट विलेजे...