बलिया, जुलाई 18 -- Balia News: बलिया। शहर के मोतीनगर में शुक्रवार की रात पावस कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर तथा डॉ. कादंबिनी सिंह के सरस्वती वंदना से हुआ।

कवियों की प्रस्तुति इस दौरान विंध्याचल सिंह ने नेकनीयती के बावजूद सगे-संबंधियों के असंतुष्ट रहने की पीड़ा अपनी भोजपुरी रचना 'ओने कुआं एने खाई। हम जाईं तऽ केने जाईं' सुनाई। डॉ शशि प्रेमदेव ने 'ढली जवानी की दुपहरिया...' की प्रस्तुति कर समा बांध दिया। शिक्षक व कवि डॉ नवचंद्र तिवारी ने वर्तमान कथित प्रेम पर व्यंग्य करते हुए 'कैसा है यह प्रेम, प्रेमी अब टॉवर पर चढ़ते हैं...' सुनाकर खूब तालियां बटोरी।

युद्ध और राजनीति पर कविताएं श्वेतांक सिंह ने दुनिया में छिड़े युद्ध में अपनी कविता युद्ध और बुद्ध के माध्यम से गोष्ठी को ऊंचाई दी। डॉ. राजेंद्र भार...