बलिया, अगस्त 29 -- Balia News: पूर, हिन्दुस्तान संवाद। पं. शीतल प्रकाश महाराज ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संतों का सान्निध्य ही मनुष्य को सांसारिक दुःखों से मुक्ति दिलाने का सर्वोत्तम मार्ग है। परमात्मा कण-कण में विद्यमान हैं। संतों के सान्निध्य और सत्संग से मनुष्य के भीतर ज्ञान एवं वैराग्य का जागरण होता है, जिससे जीवन में शांति, संतोष और आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है। इसके पूर्व युवा शिक्षाविद् डॉ. शैलेश सिंह शौर्य एवं प्रधान प्रतिनिधि कमलेश यादव ने श्रीमद्भागवत ग्रंथ पर पुष्प अर्पित कर पूजन किया तथा महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया।सहुलाई स्थित सहूलेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को प्रवचन में महाराज ने मानस की चौपाई 'संत कृपा बिनु सुनु...