बलिया, अक्टूबर 24 -- Balia News: बलिया, संवाददाता। शरद पूर्णिमा इस साल 25 अक्तूबर यानि रविवार को है। भारतीय संस्कृति और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह सामान्य पूर्णिमा से अलग वर्ष की सबसे रहस्यमयी और ऊर्जावान रात्रि होती है। यही वजह है कि इसे वैज्ञानिकता से परिपूर्ण माना जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि आश्विन (क्वार) मास की पूर्णिमा शरद पूर्णिमा समेत अन्य नामों से जाना जाता है। इस विशेष रात को चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर पृथ्वी के सबसे निकट रहते हैं, जिसके कारण उनकी किरणों से अमृत वर्षा होती है, जो सेहत के लिए बेहद खास होता है।उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा को चंद्रोदय के बाद कच्चे दूध, चावल, मिश्री, चंदन और सफेद फूल से चंद्रमा को अर्घ्य देने का विधान है, इससे मानसिक शांति और आरोग्यता की प्राप्ति होती है। यह...