बलिया, सितम्बर 9 -- Balia News: बांसडीह। लेफ्टिनेंट बनने के बाद बुधवार को पैतृक गांव पूरा पहुंचे विकास पाण्डेय का ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा उनकी सफलता पर खुशी जताई। कहा कि विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर विकास ने सिर्फ अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

विकास का संघर्ष चेन्नई से सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर पास आउट होने के बाद पहली बार गांव पहुंचे विकास के लिए सेना में अधिकारी बनने का सफर आसान नहीं रहा। पिता की वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस विषम परिस्थिति दो बार सीडीएस परीक्षा में नाकाम रहने के बाद भी विकास ने हौसला नहीं छोड़ा और तीसरी बार कठिन परिस्थिति में भी अपने लक्ष्य को हासिल कर लि...