बलिया, अक्टूबर 10 -- Balia News: बलिया, संवाददाता। सनातनी संस्कृति का महत्वपूर्ण पितृपक्ष अमावस्या (पितृ विसर्जनी)10 अक्तूबर यानि आज शनिवार को है। सनातनी लोग इस दिन ज्ञात-अज्ञात पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया तर्पण सीधे पितृलोक तक पहुंचता है और पूर्वज प्रसन्न होकर अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। जिस गांव के लोग गयाजी (बिहार) पिंडदान करने गए हैं, वह लौटने पर विशेष अनुष्ठान करेंगे। अमावस्या के दिन शहर से लगायत गांव के गंगा घाट के अलावा सरयू, तमसा और टोंस नदी घाटों पर तर्पण और श्राद्ध कर्म काफी संख्या में लोग करेंगे। यह भी पढ़ें- Gangapar News: पितृमोक्ष अमावस्या आज, थम जाएंगे 16 दिनों के श्राद्ध घाटों पर वैदिक ब्राह्मणों और पुरोहितों की देखरेख में सामूहिक तर...