बलिया, अगस्त 7 -- Balia News: नगरा। एक पिता के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य और कुछ नहीं हो सकता। दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के पिता घुरहू सिंह की उम्र लगभग सौ वर्ष हो चुकी है। चलने-फिरने में असमर्थ हैं, लिहाजा दरवाजे पर हो रही हर चहल कदमी को पुराने घर की खिड़की से बड़ी गौर से निहार रहे थे। एक ऐसा लाचार पिता, जिसे अपने बेटे के निधन के चौबीस घंटे बाद भी इसकी जानकारी नहीं थी। खिड़की से बाहर झांक रहे पिता ने अपने कमरे में आते-जाते कुछ लोगों से पूछा कि यहां क्या चल रहा है, तो उन्हें यह कहकर समझा दिया गया कि यहां विधायक जी का कार्यक्रम होना है। यह भी पढ़ें- Balia News: अपने 'लाल' उमाशंकर के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब हालांकि उनके मन की आंखें शायद यह भांप चुकी थीं कि ऐसा कुछ हो गया है, जिससे हमें छिपाया जा रहा है। उनका वह बेटा हमेशा के लिए उन्हें अ...