बलिया, अक्टूबर 31 -- Balia News: बलिया, संवाददाता। शहर से सटे छोड़हर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कथावाचिका जया किशोरी ने कर्म का पाठ पढ़ाया। कहा कि दूसरों पर निर्भर रहना ही दुख का सबसे बड़ा कारण है। आपकी जरूरत और आपकी खुशी दोनों आपकी जिम्मेदारी है। इसके लिए किसी पर निर्भर रहने की क्या आवश्यकता। कहा कि अपनी खुशियों का 'रिमोट' दूसरों को न दें। जया किशोरी ने कहा कि सामंजस्य सिखाने की जरूरत बेटों को है। हमने काम का बंटवारा किया कि यह तय कर दिया कि अमुक काम पुरुष करेगा और अमुक काम महिला करेगी। जबकि सारे काम सबको आने चाहिए। यह भी पढ़ें- Balia News: दिखावा नहीं, श्रद्धा-भाव और समर्पण देखते हैं भगवान : जया किशोरी कहा कि पुरुषों को परिवार के काम में सामंजस्य बैठाना आ जाए तो दिक्कत ही खत्म हो जाए। उन्होंन...