बहराइच, अक्टूबर 12 -- Bahraich News: बहराइच, संवाददाता। शहर के डिगिहा तिराहा स्थित मां संघारणी देवी मंदिर वीर शिरोमणि महाराजा सुहेलदेव ने ऐतिहासिक युद्ध से पूर्व यहां मां संघारणी देवी मंदिर में खड़ग पूजन कर युद्ध में कूच किया था। स्वामी सत्यानंद ने इस पावन धार्मिक स्थली पर संघारणी पचासा की रचना की है। शारदीय व चैत्र नवरात्र पर यहां दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। दरअसल बहराइच का पुरातन नाम बालार्क नगर रहा है। पौराणिक गंन्थों में शहर गंधर्व वन रहा है। कालांतर में जंगलों का सफाया होकर जब शहर बसने लगा। अब वही स्थल शहर के बीचोबीच है। एक अन्य ग्रंथ सुहेलदेव बाबनी में भी रचनाकार ने सुहेलदेव सालार मसऊद युद्ध की रचना में मां संघारणी देवी की महत्ता का जगह जगह वर्णन किया गया है। यह भी पढ़ें- Auraiya News: सहार में पांच स्थानों पर सजे माता ...