बहराइच, जुलाई 10 -- Bahraich News: बहराइच,संवाददाता। ग्राम नेवादा में आयोजित 11 दिवसीय श्रीराम कथा में अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास रसिकमूर्ति संत रमन शास्त्री जी महाराज ने भक्त राज जटायु के त्याग और समर्पण का मार्मिक प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि देवासुर संग्राम के दौरान महाराज दशरथ मूर्छित हो गए थे। उस समय कैकेई ने कुशलता से रथ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जब दशरथ जी को होश आया तो उन्होंने रथ के नीचे से बहता रक्त देखा। वह रक्त किसी और का नहीं, बल्कि जटायु जी का था। कहा कि दशरथ और जटायु बचपन के मित्र थे। रथ की धुरी टूट जाने पर रथ बिखर न जाए इसलिए जटायु जी ने स्वयं रथ का भार अपने ऊपर ले लिया और रक्तरंजित हो गए। उनके त्याग से प्रसन्न होकर दशरथ जी ने वरदान मांगने को कहा। जटायु ने कहा कि आपके घर भगवान राम ...