बागपत, अगस्त 15 -- Bagpat News: बड़ौत। चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय द्वारा हर साल जारी किए जाने वाला शैक्षिक कलेंडर कभी की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। हर साल न तो समय से दाखिले शुरू हो पाते हैं, न पढ़ाई शुरू हो पाती है और न ही एग्जाम। कक्षाएं खाली पड़ी रहती हैं और पढ़ाई करने और कराने वाले नदारद। दरअसल, देरी से जारी होने वाली मेरिट के बाद दाखिले की तिथियां आगे बढ़ती रहती हैं जिस कारण काफी समय बीत जाता है। इसके बाद परीक्षा फार्म भरना, बैक पेपर एग्जाम, सेमेस्टर एग्जाम, प्राइवेट एग्जाम फार्म में लगभग 70 फीसदी सत्र बीत जाता है। 30 फीसदी सत्र में पढ़ाई, प्रैक्टिकल पूर्ण करने होते हैं। छात्र काफी परेशान रहते हैं क्योंकि उनकी पढ़ाई प्रभावित होती हैं। बड़ौत कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्राचार्य. डॉ राजवीर सिंह का कहना है कि जितनी भी पढ़ाई होती है, उसका 75 फीसदी का निय...