बागपत, सितम्बर 9 -- Bagpat News: बड़ौत। श्री अजितनाथ सभागार में आचार्य आर्जव सागर महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इसे व्यसनों में नष्ट करने के बजाय धर्म, संयम और सदाचार के मार्ग पर लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सप्त व्यसन व्यक्ति के विवेक, धन, समय और परिवार की सुख-शांति को प्रभावित करते हैं। इसलिए जुआ, मांस, मद्यपान, शिकार, चोरी, परस्त्रीसेवन आदि बुराइयों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बचपन से ही धर्म, अहिंसा, शाकाहार, सत्य और अच्छे संस्कार दिए जाएं। श्रावक को सप्त व्यसनों के त्याग के साथ अष्ट मूलगुणों का पालन भी करना चाहिए। सभा में मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, नवीन जैन, राकेश जैन, विकास जैन, ऋषभ जैन आदि मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि 12 और 13 सितंबर को अजितनाथ सभागार में...