बागपत, अगस्त 11 -- Bagpat News: बागपत। यमुना नदी का जलस्तर पहले से काफी कम हो चुका है, लेकिन कम होता जलस्तर अपने पीछे बर्बादी के निशां छोड़ रहा है। किसानों के खून पसीने से उगाई सैंकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है, मिट्टी का कटान होकर वह यमुना में बह चुकी है। पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते चार दिन पहले यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया था, लेकिन अब नदी का जलस्तर तेजी के साथ कम होने लगा है। हालांकि घटते जलस्तर के कारण उपजाऊ कृषि भूमि का कटान हो रहा है। नैथला, बागपत, पाली, काठा, मवीकलां, सांकरौद और सुभानपुर गांव जंगल में किसानों की लाखों रुपये की फसलें बर्बाद हो गई। सब्जियों की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद हो चुकी है और उपजाऊ मिट्टी यमुना की धार में बह चुकी है। उधार लेकर उगाई गई फसल नष्ट होने स...