बागपत, जुलाई 8 -- Bagpat News: बागपत। मानसून आते ही गन्ने की फसल पर तीन रोगों को खतरा मंडराने लगा है। इसमें पोक्का बोईंग रोग, बैक्टीरियल टॉप रॉट रोग, ग्रासी शूट डिजीज गन्ने के उत्पादन पर असर डालते हैं। इन रोगों की शुरूआत मानसूनी बारिश से ही शुरू हो जाती है। कृषि वैज्ञानिकों ने गन्ना उत्पादक किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिससे गन्ने की फसल को लगने वाले तीन रोगों से बचाया सकें। ---

पोक्का बोईंग रोग कृषि वैज्ञानिक डा. संदीप चौधरी ने बताया कि पोक्का बोईंग रोग के लक्षण माह जून में सर्वप्रथम शरदकाल या पेड़ी फसल में अच्छे हरे पौधों की पत्तियों पर दिखाई देता है। इस रोग के स्पष्ट लक्षण विशेष रूप से माह जुलाई से सितम्बर वर्षा काल तक प्रतीत होते हैं। इसके लक्षण अत्याधिक यूरिया डालने के उपरान्त भी अत्याधिक हरी पत्तियों पर दिखाई देता है। रुक-रुक...