बागपत, सितम्बर 27 -- Bagpat News: बड़ौत। पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण की परंपरा निभाने वालों के सामने महंगाई ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। बढ़ती कीमतों का असर श्राद्ध की थाली पर साफ दिखाई दे रहा है। देशी घी की जगह रिफाइंड और वनस्पति घी का इस्तेमाल बढ़ा है। महंगी सब्जियों के चलते व्यंजनों की संख्या कम की जा रही है, जबकि खीर में मेवों की मात्रा घट गई है। मिठाई में भी देशी घी की इमरती के बजाय वनस्पति घी से तैयार विकल्प परोसे जा रहे हैं। देशी घी की कीमत 600 रुपये किलो से अधिक पहुंच गई है। ऐसे में देशी घी की एक इमरती करीब 18 रुपये प्रति नग पड़ रही है। श्राद्ध की थाली में एक इमरती रखना भी लोगों को महंगा पड़ रहा है। देशी घी से बनी अन्य मिठाइयों की कीमत भी 500 रुपये किलो से कम नहीं है। वहीं वनस्पति या अन्य विकल्पों से तैयार मिठाइयां भी करीब 350 र...