बागपत, सितम्बर 8 -- Bagpat News: बड़ौत। श्री अजितनाथ सभागार में आचार्य आर्जव सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इसे धर्म, संयम, सदाचार और आत्मचिंतन से सार्थक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि उसका प्रभाव व्यक्ति के आचरण में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म वही है, जो जीवन में परिवर्तन लाए और बुराइयों से दूर करे। आचार्य ने श्रद्धालुओं से हिंसा, असत्य, चोरी, कुशील और परिग्रह जैसे पांच पापों तथा सप्त व्यसनों का त्याग करने का आह्वान किया। सभा में मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, नवीन जैन, राकेश जैन, अनिल जैन आदि मौजूद रहे। यह भी पढ़ें- Bhagalpur News: किशनगंज : दाम्पत्य संस्कार विधि तथा गृहस्थ संस्कार विधि का मंगलमय आयोजन

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