बागपत, जुलाई 11 -- Bagpat News: बड़ौत/बागपत। बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, यह कहावत पूरी तरह से सही है। धीरे-धीरे कर बढ़ती जा रही जनसंख्या के कारण स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि अब बड़ौत में रहने तक के लिए जगह नहीं बची है। सभी प्रकार के संसाधनों में तेजी से आती जा रही कमी भी इसी बढ़ती जा रही जनसंख्या का ही नतीजा है। बागपत की ही बात करें तो यहां की जनसँख्या 15.76 लाख को पार कर चुकी हैं। घनत्व की बात करें तो 2011 की जनगणना के अनुसार 986 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर में निवास करते हैं जबकि 2001 की जनगणना में यह आंकड़ा 881 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर का था। वर्तमान की बात करें तो यह आंकड़ा 1000 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर को पार कर चुका है। बड़ौत शहर की ही बात करें तो यहां पर भी कुछ ऐसी ही परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर धीरे-धीरे नहीं बल्कि तेज...