बागपत, अक्टूबर 6 -- Bagpat News: बड़ौत। अजितनाथ सभागार में विराजमान आचार्य आर्जवसागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि जीवन में बुरा समय आने के कुछ लक्षण होते हैं। घर में सुख-सुविधाएं और मौज-मस्ती होने के बावजूद यदि क्लेश बना रहे, कर्ज नहीं उतर रहा हो और दान की भावना समाप्त हो जाए तो यह विनाश के संकेत हैं। उन्होंने कहा कि बेटे का पिता के प्रति और शिष्य का गुरु के प्रति अविनय व अवमानना भी विनाश का कारण बनती है। नगर में व्यसनों को बढ़ावा मिलना भी चिंताजनक है। आचार्य ने कहा कि व्यक्ति को ऐसी सोच रखनी चाहिए कि वह दुनिया से लड़ सकता है, लेकिन अपनों से नहीं, क्योंकि अपनों के साथ जीतना नहीं बल्कि साथ जीना है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का अशुद्ध आचरण उसकी इंद्रियों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। जिस मन और तंत्र से व्यक्ति आक्रामक बनता है, उसी को स...