बागपत, अगस्त 7 -- Bagpat News: बागपत। खादर की उपजाऊ मिट्टी, लहलहाते गन्ने के खेत और यमुना किनारे बसे बागपत जनपद में पिछले दस सालों के दौरान बादलों ने जमकर मिजाज बदला है। कभी बूंद-बूंद को तरसाते बादल, तो कभी चंद घंटों में ही पूरे सीजन का पानी बरसाते मेघ! आंकड़ों और ज़मीनी हकीकत का यह लेखा-जोखा बताता है कि कैसे पिछले एक दशक में बागपत का मौसम पूरी तरह बदल चुका है। कृषि वैज्ञानिकों के आंकड़ों के अनुसार बागपत की सामान्य औसतन बारिश 520 से 580 मिमी के बीच मानी जाती है, लेकिन पिछले 10 वर्षों में बादलों की 'चाल' बदलती रही। कभी बागपत ने सूखे की मार झेली, तो कभी झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी बिखेरी। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार वर्ष 2016-2017 में बारिश का आंकड़ा 400 से 500 मिमी के आसपास अटका रहा। जिसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए नलकूपों प...