बागपत, अगस्त 6 -- Bagpat News: बड़ौत। चातुर्मास के दौरान अजितनाथ सभागार में आयोजित प्रवचन में आचार्य आर्जव सागर महाराज ने कहा कि जीवन को महान बनाना है तो धर्म, अहिंसा और दया का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि अहिंसा ही सुख, शांति और करुणा का मार्ग है तथा तीर्थंकरों के जीवन से संयम, त्याग और सदाचार की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने भगवान आदिनाथ और भगवान नेमिनाथ के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए धर्ममय जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिसके मन में सदैव अहिंसा-तप-संयम लगा हुआ है;उसे देवता ही नमस्कार करते हैं। हमें कैसी लाइफ स्टाइल बनानी है? वह ऐसी, मसी, कृषि, शिल्प, विद्या, वाणी रूप षटकर्म का उपदेश भगवान आदिनाथ के जीवन चरित्र के दर्शन से हम सभी को प्राप्त हुआ है। यह भी पढ़ें- Bagpat News: जिनवचन रुपी औषधि ही करती है जन्म मृत्यु रोग क...