बागपत, अक्टूबर 22 -- Bagpat News: बड़ौत। बोलते समय शब्दों का बार-बार अटकना या कुछ ध्वनियों का स्पष्ट उच्चारण न कर पाना बच्चों से लेकर बड़ों तक के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस पर विशेषज्ञों ने इस समस्या को समझने और समय रहते उचित परामर्श लेने की जरूरत बताई। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अभिनव तोमर के अनुसार, छोटे बच्चों में बोलने के दौरान अटकने की समस्या कई बार विकास की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक परेशानी बने रहने पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। जरूरत के अनुसार बच्चों को स्पीच थेरेपिस्ट के पास भेजा जाता है। सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास से कई बच्चों में सकारात्मक सुधार देखा गया है। बोलने में अटकने की समस्या से जूझ रहे दीपक, अंकित, नवीन ने अपनी परेशानी दूर करने के लिए नियमित अभ्...